सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

नवंबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मैं सोचता रहा

मैं सोचता रहा कि अपनी मोहब्बत का आज इजहार कर लूंगा मगर मुझमें हिम्मत हो ना सका अपने दिल की बात कह पाऊं वह इतना तो समझते हैं कि मैं उनसे प्यार करता हूं अब मेरे बस में कहां की दूरियों को सह पाऊ